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गुरुद्वारा पांवटा साहिब में हर पूर्णिमा को होगा निशान साहब का दूध और पानी से स्नान

गुरुद्वारा पांवटा साहिब में एक नई और भव्य परंपरा की शुरुआत हो गई है, जिसमें हर पूर्णिमा के दिन निशान साहब को दूध और पानी से स्नान करवाया जाएगा और विशेष सेवा की जाएगी। इस पवित्र परंपरा की घोषणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मैनेजर जागीर सिंह ने की। उन्होंने बताया कि यह परंपरा आज से विधिवत रूप से शुरू हो गई है और इसे हर पूर्णिमा को श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाया जाएगा।
इस अनोखी सेवा के दौरान निशान साहब को पहले पूरी श्रद्धा के साथ सजाया जाता है, फिर श्रद्धालु और सेवादार मिलकर दूध और पानी से उनका स्नान करवाते हैं। इसके बाद विशेष अरदास की जाती है, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा दूर-दराज से आए भक्त भी हिस्सा लेते हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पवित्र अवसर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और इस अनोखी परंपरा का हिस्सा बनें। विशेष रूप से शहर के निवासियों और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को इस सेवा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
पांवटा साहिब का ऐतिहासिक महत्व
पांवटा साहिब सिख धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यह वह स्थान है जहां गुरु गोविंद सिंह जी ने अपने जीवन के चार महत्वपूर्ण वर्ष बिताए थे। कहा जाता है कि यहीं पर गुरु जी ने भगानी का ऐतिहासिक युद्ध भी लड़ा था। इसके अलावा, मान्यता यह भी है कि इसी स्थान पर उनके घोड़े का पांव टिका था, जिसके कारण इस स्थान का नाम ‘पांवटा साहिब’ पड़ा।
गुरुद्वारा पांवटा साहिब सिख समुदाय के लिए एक प्रमुख तीर्थ स्थल है और हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। इस नई परंपरा के शुरू होने से श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा भाव को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बताया कि इस आयोजन को भव्य रूप देने के लिए पूरी व्यवस्था की गई है। निशान साहब के स्नान के बाद लंगर का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में भोजन वितरित किया जाएगा।
इस नई परंपरा की शुरुआत से पांवटा साहिब गुरुद्वारा में धार्मिक उल्लास का माहौल बना हुआ है और भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

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