राजगढ़ क्षेत्र के जंगलो में प्राकृतिक रुप से उगने वाला बुरांश का फूल स्थानीय लोगो के लिए आय का साधन बना रहा है । यहाँ काबिले जिक्र है कि यहां इन दिनो स्थानीय जंगलो में प्राकृतिक रुप से उगे बुरांश के पेडों में लाल रंग का फूल खिला हुआ है । लाल रंग का यह फुल ओषधियों गुणो से भरपूर है । और इन दिनो यह फूल काफी मात्रा में खिला हुआ है । और लोगो के लिए आय का साधन बना हुआ है । क्योंकि इससे यहाँ बागवानी विभाग द्वारा स्थापित फल विधायन केद्रं में इसका स्वकेश तैयार किया जाता है । और इस स्वकेश कि मार्केट में काफी डिमांड है । क्योंकि बुरांश का यह फूल जंगलो में प्राकृतिक रुप से उगने वाला यह फूल पूरी तरह से आर्गेनिक होता है । और इससे बनने वाला स्वकेश भी पूरी तरह से आर्गेनिक होता है । इसके साथ साथ औषधीय गुणो से भरपूर होता है । इस लिए इसकी मार्केट में काफी मांग रहती है । यहाँ क्षेत्र के लोग जंगलो से इन फुलो को जंगलो से एकत्र करके लाते है । और बागवानी विभाग के फल विधायन केद्रं में लाकर बेचते है जिससे उन्हे अच्छी आय प्राप्त होती है फल विधायन केंद्र के कनिष्ठ सहायक जगदीश ठाकुर के अनुसार यहाँ फल विधायन केंद्र में 28 रुपये प्रति किलो के हिसाब से लगभग 3 हजार क्विटल बुरांश का फूल स्थानीय लोगो से खरीदा गया । और इसका स्वकेश तैयार किया जा रहा है । यहाँ फूलो के पहले साफ किया जाता है फिर इसका वैज्ञानिक विधि से स्वकेश तैयार किया जाता है । और इसकी मार्केट में काफी डिमांड रहती है । और स्थानीय लोगो को भी इसका काफी आर्थिक लाभ होता है । उल्लेखनीय हैकि सिरमौर जिला में ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों हरिपुरधार ,राजगढ़ आदि में बुरांस प्राकृतिक तौर पर जंगलों में पाया जाता है जोकि प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ाने के साथ साथ लोगो की आमदनी का साधन भी बन रहे हैं।