Sirmaur Uday

विचार से विकास

प्रदेश अस्तित्व में आया उस समय प्रति व्यक्ति आय मात्र 247 रुपये थी जो आज बढ़कर 2 लाख 57 हजार हो गई है

वर्तमान प्रदेश सरकार लोगों को सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य पेयजल स्वावलम्बन तथा स्वरोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है तथा इन सुविधाओं के सुद्धढीकरण पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
यह उद्गार  शिक्षा मन्त्री रोहित ठाकुर ने आज पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार के पैतृक गांव चनालग में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि डॉ. यशवन्त सिंह परमार के अथक प्रयासों के फलस्वरूप ही हिमाचल प्रदेश अस्तित्व में आया और उनकी दूरदर्शी सोच के कारण ही हिमाचल प्रगति के पग पर निरंतर अग्रसर है। उन्होने कहा कि जब प्रदेश अस्तित्व में आया उस समय प्रति व्यक्ति आय मात्र 247 रुपये थी जो आज बढ़कर 2 लाख 57 हजार हो गई है। उस समय मात्र 200 शिक्षण संस्थान थे जबकि वर्तमान में 15 हजार शिक्षण संस्थान क्रियाशील है। इसी प्रकार स्वास्थ्य संस्थान भी बहुत कम थे आज प्रदेष में 6 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील हैं।

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