हिमाचल की बेटियों ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हौसले बुलंद हों तो दुनिया की कोई चोटी बड़ी नहीं होती। पांवटा साहिब की बेटी कृतिका शर्मा ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) को फतह कर भारत और हिमाचल का नाम रोशन कर दिया। एवरेस्ट फतह कर लौटते ही पांवटा साहिब पहुंचने पर उनका ऐतिहासिक स्वागत किया गया। शहर के वाई पॉइंट से एनसीसी की छात्राओं ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारों के साथ रैली निकाली, जिसमें लोगों का उत्साह देखते ही बनता था।
एवरेस्ट विजेता यह बेटी पहले ही राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी खिलाड़ी रह चुकी हैं और राष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मेडल अपने नाम कर चुकी हैं। अब पर्वतारोहण जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी उन्होंने न सिर्फ कदम रखा, बल्कि एवरेस्ट चोटी पर तिरंगा फहराकर देश की बेटियों के लिए नई राहें खोल दीं।
कृतिका ने बताया कि एवरेस्ट चढ़ाई के दौरान ऑक्सीजन की कमी, -40 डिग्री की सर्दी और तूफानी हवाओं जैसी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन “अगर जज़्बा मजबूत हो तो रास्ते खुद बनते जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि वह अब भी इसी क्षेत्र में आगे बढ़कर देश की सेवा करना चाहती हैं।