“चांद तक जो उड़ान भरें, वो परों से नहीं, हौसलों से उड़ती हैं,
बेटियां जब ठान लें कुछ करने को, तो तक़दीरें भी झुकती हैं।”
विधानसभा श्री रेणुका जी के तहत विकास खंड सगड़ाह, तहसील नोहरधार की ग्राम पंचायत गवाही के छोटे से गांव जामल की बेटी निशा कुमारी ने पहले ही प्रयास में UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने गांव, परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
निशा, पूर्व वन विभाग डिप्टी रेंजर श्री दुर्गा राम शर्मा की सुपुत्री हैं। उन्होंने बिना किसी कोचिंग या विशेष संसाधन के, सिर्फ स्वअध्ययन और अनुशासन के बल पर यह सफलता प्राप्त की है। निशा ने यह दिखा दिया कि सपनों को पूरा करने के लिए हौसला और परिवार का साथ ही काफी है।
निशा की विनम्र प्रतिक्रिया
अपनी सफलता पर निशा ने कहा –
“यह केवल मेरी नहीं, मेरे पूरे परिवार की सफलता है। मेरे माता-पिता, भाई-बहन — सबकी मेहनत और आशीर्वाद ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। मैं जो कुछ भी हूं, उनके सहयोग और विश्वास की वजह से हूं।
परिवार की प्रतिक्रिया
भाई हरिचंद शर्मा , आशु शर्मा ने बताया कि, “निशा शुरू से ही मेहनती और लगनशील रही है। वह हमेशा पढ़ाई को प्राथमिकता देती थी। आज उसकी मेहनत रंग लाई है।”
पिता दुर्गा राम शर्मा ने कहा, “बेटियों को अगर आत्मनिर्भर बनाना है तो शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। निशा ने यह साबित कर दिखाया है।”
मां, जो किसान हैं, ने भावुक होते हुए कहा, “मैं खेतों में काम करती रही, वह चुपचाप किताबों में डूबी रहती थी। आज उसकी मेहनत और हमारी दुआओं का फल हमें मिला है।”
गांव में गर्व और प्रेरणा का माहौल
निशा की सफलता से गांव जामल और आस-पास के क्षेत्रों में हर्ष की लहर है। गांव की गलियों से लेकर पंचायत तक चर्चा है कि साधारण परिवार की बेटियां भी असाधारण ऊंचाइयां छू सकती हैं, यदि उन्हें परिवार का साथ और अवसर मिलें।
शिक्षा और परिवार – सफलता की नींव
निशा की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि गांव की सोच बदलने की शुरुआत है। यह संदेश है उन बेटियों के लिए जो कभी हिचकिचाती हैं, और उन माता-पिताओं के लिए जो सोचते हैं कि बेटियां क्या कर सकती है