Sirmaur Uday

विचार से विकास

यहाँ पर टीवी रेडिओ चलाना मना है,गाँववासी खेत खलियानों का भी नहीं करते है रुख..तपस्या में लीन है यहाँ क़े आराध्य देव….

पर्यटन नगरी मनाली क़े पास क़े 14 गाँव क़े लोग मकर सक्रांति से अगले 42 दिनों क़े लिए कड़े देव नियमों में बंध गए है। इस दौरान घरों में टीवी, रेडिओ नहीं चलेंगे, जोर से चिल्लाना, सिटी बज़ाना बर्जित रहेगा, यहाँ तक की गाड़ियों में हॉर्न भी नहीं बज़ाने की अपील की गई है। दरअसल मनाली क़े कई गाँवो में मकर सक्रांति क़े बाद यहाँ क़े आराध्य देव अगले 42 दिनों तक तपस्या में लीन हो जाते है, लिहाज़ा इस दौरान देवताओं को शांत वातावरण मिले इसलिए यह देव नियम लागू होते है। यह परम्परा सदियों से चली आ रही है। गांववासी इस दौरान खेत खलियानों की ओर भी नहीं जाते, कियुँकि खेतोँ में खुदाई करते हुए कभी कवार कीड़े, मकोड़ो की जान जाती है। उझी घाटी क़े गौशाल गाँव सहित कोठी, सोलंग,पलचान, रुवाड़, कुलंग, शनाग, बुरुआ तथा मझाच कुल 9 गाँवो में यह देव प्रतिबन्ध 42 दिनों क़े लिए रहता है, वहीं देव सेनापति कार्तिक स्वामी क़े सिमसा स्तिथ मंदिर क़े कपाट भी मकर सक्रांति से एक महीने के लिए बंद हो जाते है, यहाँ पर भी पांच गाँव में यह देव प्रतिबन्ध लागू हो जाता है। देवता के पुजारी मकर ध्वज शर्मा ने इस पूरी देव परम्परा के बारे में जानकारी दी, वहीं गौशाल गाँव के निवासी पवन ठाकुर ने भी बताया की गाँव में यह परम्परा सदियों से निभाई जा रही है, वा उन्होने पर्यटको से भी निवेदन किया की वें वहीं इस दौरान यहाँ की देव नियमों का पालन करें वा यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता का लुथफ़ उठाये। कुल्लू घाटी में जब भी कोई देव परम्परा के निर्वहन का मौका होता है तो यहाँ के लोग उस परम्परा को बड़ी ही निष्ठा वा श्रद्धा से निभाते है, तभी तो कुल्लू घाटी को देव भूमि के नाम से जाना जाता है।