Sirmaur Uday

विचार से विकास

मध्यप्रदेश की धरती पर बिखरी सिरमौर के गिरिपार की हाटी संस्कृति,आदिरंग महोत्सव में चला  सिरमौरी हाटी की नाटी का जादू 

आसरा संस्था, पझौता सिरमौर के प्रभारी एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी ने प्रेस को जारी अपने वक्तव्य में बताया कि इन दिनों सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की हाटी संस्कृति से जुड़े लोक कलाकार मध्यप्रदेश के हरसूद में आयोजित तीन दिवसीय आदिरंग महोत्सव में पारंपरिक हाटी की नाटी की मनोहारी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह रहे हैं। यह उत्सव 20 से 22 मार्च तक आयोजित हुआ, जिसका शुभारंभ 19 मार्च को हुआ।

भारत के विभिन्न राज्यों की जनजातीय नृत्य शैलियों को समर्पित आदिरंग महोत्सव में डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में लोककलाकारों ने हाटी की नाटी के अंतर्गत ठोडा नृत्य, रिहाल्टी गी, दीपक एवं परात नृत्य तथा रासा नृत्य जैसी विविध लोक विधाओं की सशक्त प्रस्तुती देकर सिरमौरी लोकजीवन की लय, सौंदर्य और परंपरा का जीवंत दर्शन कराया।

उल्लेखनीय है कि पद्मश्री विद्यानंद सरैक एवं डॉ. जोगेन्द्र हाब्बी के कुशल निर्देशन में इन कलाकारों ने हाटी की नाटी के अतिरिक्त सिंहटू नृत्य, भड़ाल्टू नृत्य तथा डगैली नाच जैसी विलुप्तप्राय लोक विधाओं पर लंबे समय तक शोध कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर प्रतिष्ठित किया है जिससे ये विधाएं पुनः जनमानस का आकर्षण बन रही हैं।