हिमाचल लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य के पुरोधा स्वर्गीय लाल चंद प्रार्थी की जयंती के अवसर पर नाहन में एक भव्य राज्य स्तरीय साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिमाचल कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी शिमला तथा भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया
इस कार्यक्रम में जहां शोध कर्ताओं ने अपनी शोध बारे बताया वहीं कवि सम्मेलन भी ज्ञानवर्धक रहा। लेकिन समारोह में आयोजित ऐतिहासिक दस्तावेजों और लगभग 53 पुस्तकें मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इसमें सिरमौर रियासत और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से संबंधित अत्यंत पुरातन व दुर्लभ दस्तावेज प्रदर्शित किए गए।हिमाचल निर्माता डॉ वाई एस परमार ,राहुल संस्कृतायन जैसे विद्वानों की पुस्तकें प्रदेश के इतिहास ,संस्कृति ,भाषा के ज्ञान को समेटे प्रदर्शित की हैं जो नई पीढ़ी को भी प्रदेश की बोली ,पहरावे से लेकर समृद्ध संस्कृति बारे बता रही हैं। इसके इलावा वर्ष 1807 के बाद के लगभग 32,000 ऐतिहासिक दस्तावेज भी आकर्षण का केंद्र रहे।
कुलमिलाकर हिमाचल राज्य अभिलेखागार शिमला द्वारा लगाई गई विशेष प्रदर्शनी ने वर्तमान को इतिहास से जोड़ने के लिए एक सेतू का कार्य किया है जोकि सराहनीय पहल कही जा सकती है।