जिला सिरमौर के नौहराधार तहसील के देवा मानल गांव की सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर इशिता पुंडीर द्वारा हाल ही में सोशल मीडिया पर फौजियों पर दिए गए अभद्र एवं आपत्तिजनक बयान से पूरे देश में हड़कंप गया है। जब इस वीडियो से पूरे देश में फौजियों पर दिए गए बयान से हड़कंप मचा, तो इशिता पुंडीर ने अपने फेसबुक अकाउंट से उस वीडियो को डिलीट कर दिया। मगर तब तक यह वीडियो सैकड़ो बार बार शेयर हो चुका था तथा कई लोगों ने इसे डाउनलोड कर सबूत के तौर पर रख लिया। इसके बाद इशिता पुंडीर ने एक अन्य वीडियो बनाकर फौजियों से माफी भी मांगी। मगर फौजियों का गुस्सा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
वीरवार को राजगढ़ पुलिस थाना में पहुंचकर भूतपूर्व सैनिक संगठन राजगढ़ के पदाधिकारियों ने इशिता पुंडीर द्वारा फौजियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में शिकायत दर्ज करवाई। साथ ही इशिता पुंडीर के अकाउंट की भी जांच की मांग की। रिटायर्ड नायब सूबेदार बृजमोहन ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि इशिता पुंडीर के अधिक फॉलोअर पाकिस्तान तथा बांग्लादेश से हैं। उन्हें आशंका है कि देश के फौजियों को बदनाम करने के लिए इशिता पुंडीर ने यह वीडियो किसी आईएसआई एजेंट के कहने पर बनाया हो।
हाल ही में इशिता पुंडीर ने अपने एक वीडियो में कहा था कि “फौजी देश और भारत माता के लिए तो लॉयल हो सकते हैं, लेकिन 90 प्रतिशत से ज्यादा फौजी अपनी पत्नी या गर्लफ्रेंड के लिए लॉयल नहीं होते।” जब फौजी छुट्टियों में घर आते हैं, तो वह चार-पांच गर्लफ्रेंड के साथ घूमते हैं। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। लोगों का कहना है कि जो सैनिक दिन-रात देश की रक्षा में लगे रहते हैं, उनके चरित्र पर इस तरह की टिप्पणी करना निंदनीय है। कई यूज़र्स ने इसे गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि एक कंटेंट क्रिएटर को अपनी सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए। सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने यहां तक कहा कि ऐसे बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है और इससे देश के जवानों की छवि को नुकसान पहुंचता है। एक यूज़र ने लिखा “ईशिता पुंडीर, बोला उतना करो जो बाद मैं डिलीट ना करने पड़े, सेनिको पर टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण”। विवाद बढ़ने के बाद इशिता पुंडीर ने सोशल मीडिया के जरिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। हालांकि, इसके बावजूद लोगों का गुस्सा कम होता नजर नहीं आ रहा है। कई लोग अब भी कड़ी कार्रवाई और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। देश के सैनिकों के सम्मान से जुड़ा यह मामला केवल एक बयान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की उस संवेदनशीलता को भी दिखाता है, जहां जवानों के सम्मान के साथ किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाता
इस संदर्भ में जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रत्येक पहलू की जांच कर मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।