पांवटा साहिब,
गिरी नदी में अवैध खनन का कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र की पर्यावरणीय संपदा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से साझा किया, जिसमें साफ तौर पर जेसीबी मशीनों द्वारा खनन किए जाने के दृश्य देखे जा सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खनन माफिया बिना किसी डर के खुलेआम गिरी नदी से रेत और बजरी निकाल रहे हैं। उनका आरोप है कि वन विभाग और माइनिंग विभाग के अधिकारी इस अवैध गतिविधि को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं या फिर जानबूझकर इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
वन संपदा और जल स्रोतों को खतरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, अगर समय रहते इस अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे क्षेत्र की हरियाली को भारी नुकसान होगा। जंगलों के कटने से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो सकता है और जल स्रोत भी धीरे-धीरे सूखने लगेंगे। गिरी नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में इस क्षेत्र को गंभीर पर्यावरणीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों की मांग: तुरंत हो कार्रवाई
ग्रामीणों ने वन विभाग और माइनिंग विभाग से अविलंब इस अवैध खनन को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि खनन में लगे माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और पर्यावरण को बचाया जा सके।