उमंडल पच्छाद के नैना टिक्कर में बीती देर शाम एक मोबाइल की दुकान में आग लगने से करीब 10-12 लाख का नुक्सान हो गया है। tबताया जा रहा है कि आग की लपटे एक धमाके के साथ शुरू हुई जिस पर स्थानीय लोगों द्वारा लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। यह घटना बीती शाम करीब साढ़े आठ बजे कि बताई जा रही है जिससे करीब 15 मिनट पहले ही दूकानदार अपनी यह दुकान बंद कर घर के लिए निकला।
यह दुकान वेद मित्र पराशर की है जो कि पराशर कम्युनिकेशन के नाम से नैना टिक्कर बाजार में है। वेद मित्र पराशर ने बताया कि प्रतिदिन की तरह शाम को दुकान बंद करके वह अपने घर चले गया। वहा अभी आधे रास्ते में ही पहुंचा था कि उसे स्थानीय दुकानदारों द्वारा सूचित किया गया कि उसकी दुकान में आग लगी है। जिसके बाद वह तुरंत नैनाटिककर वापिस आया। लेकिन तब दूकान में रखा सारा सामान जल चूका था। वहीँ साथ लगती दुकान का भी काफी नुकसान बताया जा रहा है।
हालाँकि स्थानीय दुकानदारों और लोंगों द्वारा आग पर काबू पाने की कोशिश की गयी लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक सबकुछ स्वाहा हो चूका था। वहीँ स्थानीय दुकानदारों द्वारा पुलिस प्रशासन तथा दमकल विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई।
हालाँकि स्थानीय दुकानदारों और लोंगों द्वारा आग पर काबू पाने की कोशिश की गयी लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया तब तक सबकुछ स्वाहा हो चूका था। वहीँ स्थानीय दुकानदारों द्वारा पुलिस प्रशासन तथा दमकल विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई।
उसके बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया परंतु दमकल विभाग की तरफ से कोई भी सहायता नहीं पहुंच सकी। स्थानीय लोगों ने बताया की लगभग 2 घंटे बाद भारी मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पाया गया । परंतु यदि अग्निशमन विभाग द्वारा सहायता पहुंचती तो भारी नुकसान होने से बचाया जा सकता था।
नही मिल पाई दमकल विभाग की सहायता-
लोगों ने बताया कि अगर दमकल विभाग की सहायता उन्हें मिलती तो शायद इतना नुक्सान नही होता। गों का कहाँ है कि सराहाँ में दमकल विभाग न होने से इस क्षेत्र में आगजनी की घटना होने पर या तो 56 किलोमीटर स्थित नाहन या 32 किलोमीटर दूर स्थित सोलन में दमकल विभाग है। हालाँकि सोलन दुसरे जिला में है तो यहाँ दमकल विभाग नाहन ही है। उनका कहाँ है कि नाहन से दमकल विभाग की गाड़ी नही पहुंच पाई और ना ही सोलन से जिस कारण इस मोबाइल की दुकान में रखा लाखों का सामान खाक हो गया। लोगों में रोष है कि लगभग 50 किलोमीटर लंबे अंतराल तक कोई भी दमकल विभाग का कार्यालय यहाँ नहीं है और जिस कारण यहाँ ईए तरह की घटना होने पर कोई सहायता समय पर नही मिल पाती है।