जिला सिरमौर में मध्यरात्रि से लगातार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खासकर पहाड़ी और मध्यवर्ती क्षेत्रों में पिछले 10 घंटों से हो रही भारी बारिश के चलते गिरी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे कई स्थानों पर यातायात बाधित हो गया है।
गिरी नदी, जो यमुना की एक सहायक नदी है, अपने उफान पर है। इस कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से कट गया है। नदी पर बने पारंपरिक तार झूले – सियूं, खाडना और अणु खुर्कन – इन क्षेत्रों के लोगों के आर-पार जाने का एकमात्र साधन हैं। यह क्षेत्र रेणुका बॉध परियोजना के अन्तर्गत आता है जबकि इस क्षेत्र में कोई भी काम नही हो रहा है
यात्री आर पार जाने में एक दुसरो से मदद लेते है
लगातार बारिश से भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग की टीमों द्वारा यातायात को बहाल करने का प्रयास जारी है, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और तेज बारिश के कारण कार्यों में बाधाएं आ रही हैं।
गिरी नदी, जो यमुना की एक सहायक नदी है, अपने उफान पर है। इस कारण कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से कट गया है। नदी पर बने पारंपरिक तार झूले – सियूं, खाडना और अणु खुर्कन – इन क्षेत्रों के लोगों के आर-पार जाने का एकमात्र साधन हैं। यह क्षेत्र रेणुका बॉध परियोजना के अन्तर्गत आता है जबकि इस क्षेत्र में कोई भी काम नही हो रहा है
यात्री आर पार जाने में एक दुसरो से मदद लेते है
रेणुका बॉध परियोजना के घारा 17/4 के तहत रज्जू मार्ग की बोली बन्द हो गई इससे पूर्व ग्राम पंचायत द्वारा एक व्यक्ति को
जुलाई,अगस्त व सितम्बर तक नियुक्त किया जाता था इस कारण भी लोगो को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्र के किसानों और आम नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक रेणुका जी बॉध परियोजना का कार्य आरम्भ
नहीं होता, तब तक उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित न किया जाए।