मानसून के आगमन के साथ ही हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में सांप के काटने (स्नेक बाइट) के मामलों में इज़ाफा होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। अब जिले की हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) तक एंटी स्नेक वेनम पहुंचा दी गई है, ताकि पीड़ितों को नजदीक ही उपचार मिल सके और गंभीर स्थितियों से बचा जा सके।खण्ड स्वास्थय अधिकारी डॉ मोनिशा अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि बरसात के मौसम में सांपों की सक्रियता बढ़ जाती है और हर साल इस दौरान स्नेक बाइट के कई मामले सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि, “अक्सर देखा गया है कि लोग सांप के काटने पर पहले झाड़-फूंक या देसी इलाज में समय गंवा देते हैं, जिसके चलते ज़हर शरीर में फैल जाता है और कई बार लोगों की जान तक चली जाती है।”जनता से अपील करते हुए कहा कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक करने की बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र का रुख करें। उन्होंने कहा कि यदि 1 से 2 घंटे के भीतर सही इलाज शुरू हो जाए, तो स्नेक बाइट का प्रभाव रोका जा सकता है और जान बचाई जा सकती है।खण्ड स्वास्थय अधिकारी डॉ मोनिशा अग्रवाल ने बतायाकि आज मॉनसून में स्नेक बाइट को लेकर एक विशेष सेशन भी लगाया गया है ताकि लोगो को जागरूक किया जा सके।