देश के लिए कबड्डी में शानदार प्रदर्शन करने के बाद जिला सिरमौर की तीन बेटियाँ जब अपने घर लौटीं, तो माहौल भावनाओं से भर गया। गांव की संकरी गलियों से लेकर आंगन तक ढोल-नगाड़ों की थाप गूंजती रही। लेकिन इस बार स्वागत का सबसे खूबसूरत पल वह था, जब दोनों खिलाड़ी अपने मां-बाप के साथ बैठकर वर्ल्ड कप की पूरी कहानी सुनाती दिखीं।
घर पहुंचने के बाद बेटियाँ सीधे मां-बाप के पास जाकर बैठीं। वहां उन्होंने पूरे टूर्नामेंट की रोमांच भरी कहानी साझा की किस मैच में कितना दबाव था ,कौन-सी टीम सबसे मुश्किल थीकब चोट लगी लेकिन फिर भी हार नहीं मानीबेटियों ने अपने परिवार से कहा मैदान में जब मुश्किल आती थी, हमें आपका चेहरा याद आता था वही ताकत बनकर खड़ा रहता था
घर पर बेटियों के लिए खास तौर पर सिरमौर के पारंपरिक पकवान तैयार किए गए शाकुली मोडमुड,देसी घी–शक्कर स्थानीय मीठे व्यंजन दिए गए इस मोके पर बेटियों ने मुस्कुराते हुए कहा वर्ल्ड कप जीतकर जो ख़ुशी मिली, उससे ज्यादा खुशी घर के इन पकवानों ने दे दी इन स्वादों की बहुत याद आती थी।