औद्योगिक क्षेत्र के कालाअम्ब में उद्योगपतियों को एम.एस.एम.ई. की जानकारी दी गई। एक दिवसीय कार्यशाला में उद्योग विभाग कालाअम्ब के सदस्य सचिव गुरु प्यारा राम मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर बोलते हुए गुरु प्यारा राम लघु एवं मध्यम उद्यमों को लचीला और भविष्य के लिए तैयार रहने हेतु स्मार्ट प्रौद्योगिकियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भविष्य में सतत विकास के लिए सरकारी सहायता का लाभ उठाने और ऐसी पहलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यशाला में सी.ई.एल. के विषय विशेषज्ञ इलयाराजा सावरी मारियादास ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आई.ओ.टी.), मशीन लर्निंग (एम.एल.), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ई.आर.पी.) और कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सी.आर.एम.) सिस्टम जैसी डिजिटल प्रौद्योगिकियां एम.एस.एम.ई. को संचालन को आधुनिक बनाने, गुणवत्ता में सुधार करने और लागत को कम करने में कैसे मदद कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा समर्थित आर.ए. एम. पी. पहल का उद्देश्य लघु एवं मध्यम उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी उन्नयन को बढ़ावा देना और उद्योगों की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने की क्षमता का निर्माण करना है। जागरूकता सत्र में हिमाचल प्रदेश के उद्यमों में डिजिटल परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए आर.ए. एम. पी. के अंतर्गत उपलब्ध योजनाओं, टूलकिट और सहायता तंत्रों पर भी चर्चा की गई।