पहाड़ी क्षेत्रों में नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए एक 121 किलोमीटर 5 दिवसीय यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा सिरमौर के क्यारीगुडाहां गांव से शुरू हई। यात्रा 26 जनवरी को जिला मुख्यालय नाहन में समाप्त होगी। जागरूकता यात्रा का आयोजन क्यारीगुडाहां के युवक और पंचायत के लोगों ने शुरू की है।
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी जानलेवा नशा चिट्टे का मकड़जाल फैलता जा रहा है। लिहाजा, सरकार और पुलिस विभाग ने प्रदेश भर में बड़ी कार्यवाही शुरू की है। वहीं दूसरी ओर पहाड़ी क्षेत्रों में भी लोग नशे के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के क्यारीगुडाहां पंचायत के लोगों ने नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी जागरूकता यात्रा शुरू की है। पंचायत के लोगों ने नशे के खिलाफ शपथ लेकर जागरूकता यात्रा की शुरुआत की। क्यारीगुडाहां से शुरू हुई यह यात्रा 5 दिन तक चलेगी। 121 किलोमीटर की जागरूकता यात्रा गणतंत्र दिवस पर जिला मुख्यालय नाहन में समाप्त होगी।
यात्रा के चार रात्रि पड़ाव भी होंगे। यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों और युवकों को नशे के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही चिट्टे जैसे जानलेवा नशे को रोकने के लिए महिलाओं सहित सभी वर्गों से आगे आने का आवाहन किया जाएगा। जागरूकता यात्रा मार्ग पर लगभग हर स्थान पर स्थानीय लोगों ने यात्रा को समर्थन देने का ऐलान किया है। क्षेत्र में भूतपूर्व सैनिक संगठन सहित दर्जनों सामाजिक संस्थाओं ने भी यात्रा को समर्थन देने का ऐलान किया है।
अंतर्राष्ट्रीय अल्ट्रा मैराथन धावक वीरेंद्र चौहान और पेसपेलो के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ओमप्रकाश भी यात्रा में शामिल हुए हैं। इन खिलाड़ियों ने युवा वर्ग से आवाहन किया कि जानलेवा नशे से खुद भी बच्चे और अन्य लोगों को भी जागरूक करें खिलाड़ियों ने युवाओं से कहा है कि अच्छी सेहत और खेलों का नाश करें।