सराहां से नाड़ब –खोजर रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम की सरकारी बस सेवा को बंद कर इसे निजी ऑपरेटर्स को देने की चर्चाओं ने क्षेत्र में बवाल खड़ा कर दिया है। परिवहन विभाग के इस कथित फैसले के विरोध में क्षेत्र की 6 पंचायतों के ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को एक औपचारिक ज्ञापन भेजकर चेतावनी दी है कि यदि यह जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह बस सेवा पिछले दो दशकों से अधिक समय से इस दुर्गम क्षेत्र की जीवनरेखा बनी हुई है। पहले यह बस केवल सराहां तक चलती थी, लेकिन स्थानीय मांग पर इसका विस्तार नाइढ़–खोडर तक किया गया था। आज इस रूट से करीब 12 हजार की आबादी सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।
क्षेत्रवासियों ने परिवहन विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निजी बस संचालकों को फायदा पहुँचाने के लिए जानबूझकर इस रूट को ‘घाटे’ में दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह रूट पूरी तरह से लाभप्रद है और इस पर सवारियों की कोई कमी नहीं रहती।
संबंधित सभी पंचायतों ने इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस बस सेवा को निगम के पास ही रहने दिया जाए और निजी संचालकों को परमिट देने की योजना को तुरंत रद्द किया जाए।