सिरमौर के शीतकालीन अवकाश वाले शिक्षण संस्थानों में लंबी छुट्टियों के बाद आज पहले कार्यदिवस पर रौनक फीकी नजर आई। शिक्षा विभाग द्वारा वीरवार, 12 फरवरी 2026 को शिक्षा खंड राजगढ़ और नारग के विभिन्न सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य अवकाश के उपरांत शैक्षणिक गतिविधियों के सुचारू संचालन की जांच करना था। निरीक्षण के दौरान स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई, जिससे विभाग ने चिंता व्यक्त की है।
शिक्षा खंड राजगढ़ के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक पाठशाला मतियाना में कुल 34 नामांकित विद्यार्थियों में से केवल 11 विद्यार्थी ही उपस्थित पाए गए। इसी प्रकार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मतियाना में कक्षा छठी से बारहवीं तक के कुल 91 विद्यार्थियों में से मात्र 28 छात्र ही स्कूल पहुंचे। अधिकारियों ने पाया कि छुट्टियों के बाद पहले दिन अधिकांश बच्चे स्कूल नहीं लौटे थे
निरीक्षण की अगली कड़ी में शिक्षा खंड नारग के राजकीय प्राथमिक पाठशाला मारयोग का दौरा किया गया, जहाँ स्थिति और भी गंभीर पाई गई। इस विद्यालय में कुल नामांकित 10 विद्यार्थियों में से केवल 2 विद्यार्थी ही उपस्थित थे। सबसे चौंकाने वाला मामला तब सामने आया जब विद्यालय के एक जेबीटी (JBT) अध्यापक ने उपस्थिति रजिस्टर में अपनी प्रातः काल की उपस्थिति तो दर्ज की थी, लेकिन निरीक्षण की टीम के पहुँचने पर वे स्कूल से गायब मिले। जांच में पाया गया कि उक्त शिक्षक ने न तो किसी अवकाश के लिए आवेदन किया था और न ही उनके पास किसी सरकारी कार्य पर होने का कोई आधिकारिक आदेश था। विभाग ने इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए उक्त अध्यापक के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया है।
इसके अतिरिक्त, राजकीय प्राथमिक पाठशाला दरोन देवरिया में भी निरीक्षण किया गया, जहाँ कुल 36 विद्यार्थियों में से 19 विद्यार्थी कक्षा में उपस्थित मिले। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी निरीक्षण सरकारी आदेशों के पालन में किए गए हैं।
उपनिदेशक राजीव ठाकुर ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अध्यापकों को मार्गदर्शित करना है ताकि विद्यालय में शीतकालीन अवकाश के उपरांत विद्यार्थियों की उपस्थिति को नियमित किया जा सके। उन्होंने चिंता जताई कि अक्सर अवकाश खत्म होने के बाद भी कई विद्यार्थी कई दिनों तक विद्यालय नहीं आते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।