Sirmaur Uday

विचार से विकास

कर्तव्य के साथ मां की भूमिका को भी बखूबी चरितार्थ करतीं उपायुक्त प्रियंका वर्मा

समाज में जब जब भी किसी न किसी ख़ास शख्सियतों ने समाज में बेहतर कार्य करने का प्रयास किया तो निस्संदेह ऐसी ख़ास शख्सियतों से समाज के हर वर्ग को प्रेरणा मिलती है,समाज को आज ऐसे ही ख़ास उदाहरण से रूबरू करवाने का प्रयास करेंगे जो शख्सियत कोई आम नहीं बल्कि चम्बा की बेटी और जिला सिरमौर की (DM) जिलाधीश  सिरमौर प्रियंका वर्मा(IAS 2015) है जो एक कुशल प्रशासक ही नहीं अपितु अपने कर्तव्य के साथ साथ मां की भूमिका में भी बखूबी नज़र आती है,जिस ममतामई मां के आंचल तले जिलाधीश  सिरमौर प्रियंका वर्मा अपनी पुत्री के प्रति भी अपना कर्तव्य व्यस्तम कार्यों के बावजूद भी बखूबी देखने एवं सुनने को मिलता है,जो क्षेत्र समाज के लिए भी अनुसरणीय माना जाता है

हाल ही में गुरु की नगरी पांवटा साहिब में चल रहे होली मेले का उपायुक्त  प्रियंका वर्मा ने शुभारंभ किया जिस शुभ अवसर पर दोनों ही अहम् भूमिका में नज़र आई, जहां एक ओर होली मेले का शुभारंभ कर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया तो वहीं दूसरी ओर मां की भूमिका भी निभाई,यहां देखने एवं समझने का विषय यह भी है कि अनेकों क्षेत्रों की माताएं अपने कार्यक्षेत्र के साथ साथ बच्चों के पालन पोषण को लेकर अनेकों समस्याओं का जिक्र करती नजर आती हैं,परन्तु जिस प्रकार एक जिले की कलेक्टर अपने कार्यक्षेत्र के अलावा माता का दायित्व भी बखूबी निभाने का प्रयास कर रही है निसंदेह समाज के लिए प्रेरणादाई है

जिले के विकास,प्रशासनिक,राजनीतिक,विभिन्न विभागीय, इत्यादि अनेकों कार्यों के प्रति जिलाधीश की सर्वोत्तम भूमिका मानी जाती है तो वहीं दूसरी ओर व्यस्तम कार्यों की प्रतिदिन रुपरेखा मानी जाती है,तो वहीं जनता का अपनी समस्याओं को लेकर  कार्यालय में हमेशा आना जाना लगा रहता है,इसी परिप्रेक्ष्य में आज अंतरराष्ट्रीय  महिला दिवस  पर  सामाजिक रूप से इस महत्वपूर्ण विषय को   लाने  का उदेशीय समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देना है कि आज की महिला हर  दायित्व को सलीके से निभाने के लिए तैयार है।  जिलाधीश महोदया सिरमौर प्रियंका वर्मा पूर्व में भी एडीसी सिरमौर के रूप में भी अपनी सराहनीय सेवाएं दे चुकी हैं,प्रियंका वर्मा अपने सौम्य स्वभाव और कर्तव्यनिष्ठा के लिए खासी लोकप्रिय मानी जाती है।