उत्तर भारत की प्रसिद्ध सिद्धपीठ त्रिलोकपुर माता बाला सुंदरी मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां पर माता दुर्गा अपने बाल रूप में पिंडी में विराजमान हैं। यहां पर हर व्यक्ति की मनो कामना पूरी होती है। यह स्थान सिरमौर जिला में काला अम्ब से मात्र 3 किलोमीटर की दुरी पर है जहां हिमाचल सहित पड़ोसी राज्यों हरियाणा ,पंजाब ,दिल्ली और उत्तर प्रदेश से भारी संख्या में यूँ तो श्रद्धालु वर्षभर पहुंचते हैं लेकिन नवरात्र और खासकर चैत्र नवरात्र में लाखों लोह यहां शीश नवाने पहुंचते हैं।
माता बाला सुंदरी यहां पर वर्ष 1573 में स्थानीय बनिया की नमक की बोरी में यहां देवबंद से पहुंची थीं। कई दिन तक नमक बेचने के बाद भी जब नमक खत्म नहीं हुआ तो दुकानदार को हैरानी हुई। तब माता ने उन्हें स्वप्न में दर्शन देकर कहाकि मैं बाला सुंदरी हूं और यहां मेरा मंदिर बनाया जाये .अगले दिन बनिया तत्कालीन सिरमौर रियासत के महाराज के महल नाहन पहुंचा और इस बारे बताया। राजा को भी माता ने स्वप्न में दर्शन दिए और त्रिलोकपुर में मंदिर बनाने के आदेश दिए ,तब महाराजा ने यहां पर भव्य मंदिर का निर्माण किया और माता बाला सुंदरी पिंडी रूप में साक्षात् मौजूद हैं।
मंदिर का अब ट्रस्ट बना दिया गया है और मुख्य आरती अभी भी बनिया परिवार के लोगो दौरा की जाती है। नवरात्रों को लेकर प्रशासन ने इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध किये हैं। और मंदिर को भव्य तरीके से सजाने का कार्य चला हुआ है
उल्लेखनीय हैकि मंदिर बाला सुंदरी त्रिलोकपुर एक अटूट श्रद्धा व् भक्ति का केंद्र है जहां लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।