हिमाचल को देव भूमि के रूप में जाना जाता है और इसी संदर्भ में सिरमौर से हठ योग का चमत्कार सामने आया है। सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र की सालवाला पंचायत में पुरुवाला-भटरोग मार्ग पर गिरि नदी के किनारे स्थित प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर में एक मौनधारी बाबा पिछले नौ दिनों से अपने वक्षस्थल पर जौ उगाकर कठिन हठयोग और तपस्या में लीन रहे।
शुक्रवार को नवरात्रि समापन के पावन अवसर पर बाबा ने फलाहार ग्रहण कर अपना व्रत खोला। इस अद्भुत साधना को देखने और बाबा के दर्शन पाने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु सालवाला पहुंचे।लोगों का कहना है कि यह कोई सामान्य व्रत या साधना नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, आत्मसंयम, तप और लोककल्याण का जीवंत उदाहरण है।
नवरात्रि के दौरान जहां हर घर और मंदिर में जौ बोए जाते हैं, वहीं किसी संत द्वारा अपनी छाती पर जौ उगाकर तपस्या करना लोगों के लिए आश्चर्य और गहरी आस्था का विषय बन गया है। बाबा ने नवरात्रि के प्रथम दिन से लेकर आज तक पीठ के बल लेटकर यह कठिन हठयोग किया। इस दौरान उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया और केवल पानी की बूंदों के सहारे अपनी साधना जारी रखी। यही नहीं, बाबा पिछले करीब दो वर्षों से मौन व्रत और फलाहार व्रत में हैं। वह किसी से बोलते नहीं और अपनी बात इशारों या लिखकर बताते हैं।