सिक्ख धर्म के दशम गुरु गोबिंद सिंह जी 30 अप्रैल 1685 को तत्कालीन सिरमौर रियासत में महाराज की जमीनी विवाद को सुलझाने के उदेशीय से नाहन पहुंचे थे। यहां नाहन में वो लगभग 8 महीने तक रहे और उसके बाद उन्होंने पोंटा साहेब नगर की स्थापना की। उनके नाहन आगमन के दिन को हर वर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और इस अवसर पर नाहन में दस दिवसीय जोड़ मेले का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही गुरुद्वारा साहेब में अनेक धार्मिक आयोजन भी किये जाते हैं। इसी दिवस को लेकर आज नाहन में गुरु गोबिंद सिंह आगमन दिवस पर जोड़ मेला टोका साहेब से नगर कीर्तन के साथ आरम्भ हो गया। विधायक नाहन अजय सोलंकी ने विधिवत रूप से मेले का शुभारम्भ किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अमृत सिंह शाह ने बतायाकि 30 अप्रेल 1685 को दशम गुरु गोबिंद सिंह आनंद पुर साहेब से नाहन आये थे और उन्होंने सिरमौर रियासत के महाराजा के जमीनी विवाद को सुलझाया था। उनके इस नाहन आगमन दिवस पर हर वर्ष अनेक धार्मिक आयोजन किये जाते हैं और शहर में 26 अप्रेल से 5 मई तक जोड़ मेले का आयोजन किया जा रहा है।
विधायक नाहन अजय सोलंकी ने कहाकि आज बहुत ऐतिहासिक दिन है और गुरु जी के आगमन दिवस को शहर में श्रद्धा भाव से मनाया जा रहा है। गुरुद्वारा टोका साहेब से नगर कीर्तन संगठन पहुंची हैं। उन्होंने सभी को मेले की शुभकामनाए भी दी।
उल्लेखनीय हैकि आज से नाहन के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहेब में शब्द कीर्तन के साथ अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आरम्भ हो गए हैं।