कृषि परिसर धौलाकुआं में कृषि महाविद्यालय स्थापना की मांग

कृषि परिसर धौलाकुआं में कृषि महाविद्यालय की स्थापना को लेकर स्थानीय व किसान संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल शनिवार को बागवानी मंत्री से मिला ।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी सिरमौर में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कृषि परिसर धौलाकुंआ का भी दौरा किया। जहां स्थानीय व किसान संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल शमशेर सिंह सैनी की अध्यक्षता बागवानी मंत्री से मिला ।
प्रतिनिधि मंडल ने कृषि परिसर धौलाकुआं में कृषि महाविद्यालय स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने बागवानी मंत्री को अवगत करवाया कि कृषि परिसर धौलाकुओं वर्ष 1952 से प्रदेश में कार्यरत है और प्रदेश का पहला केन्द्र है। इस परिसर में हिमाचल प्रदेश का पहला और सबसे पुराना कृषि विज्ञान केन्द्र, सिरमौर काकार्यालय भी है जिसकी स्थापना वर्ष 1983 में की गई थी।
 हिमाचल प्रदेश में एक ही कृषि विश्विद्यालय पालमपुर में स्थित है, जिसमें कृषि स्नातक एवं कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की सुविधाएं उपलब्ध है। जिला सिरमौर सोलन, शिमला एवं किन्नौर के क्षेत्रों के छात्रों को कृषि शिक्षा प्राप्त करने हेतु कोई भी सरकारी शिक्षण संस्थान उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने कृषि महाविद्यालय की स्थापना हेतू भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा जो भी मापदंड निधारित किए गये है कृषि विश्वविद्यालय का धौलाकुंआं परिसर उन सभी मापदंडों एवं आवश्यकताओं को पूरा करता है। सिरमौर सोलन, शिमला एवं किन्नौर के क्षेत्रों
के होनहार विद्यार्थी जो कृषि क्षेत्र में रुचि रखते हैं और होनहार विद्यार्थीयों के लिए कृषि शिक्षा हेतू धौलाकुओं परिसर उचित स्थान है। उन्होंने बताया कि अगर कृषि महाविद्यालय को धौलाकुआं में खोला जाए तो उस के लिए धौलाकुओं परिसर में कृषि विभाग व कृषि विश्वविद्यालय के आवासीय भवन जो पिछले काफी समय से खाली पड़े हुए है का भी उपयोग में आ जाएंगे और सरकार पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारत सरकार का कृषि शिक्षा विंग कृषि महाविद्यालय को खोलने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है और इससे प्रदेश सरकार पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
साथ ही इस परिसर में लगभग सभी विभागों के कार्यालय व प्रयोगशालायें है जैसे कि कृषि विभाग, बागवानी विभाग, डा. बाई एस परमार क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान केन्द्र, मीटिंग हाल, आडिटोरियम्, पुस्तकालय, रेस्ट हॉउस मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, पौध परीक्षण प्रयोगशाला, डेयरी युनिट, अनाज मंडी, पर्वतीय कृषि अनुसंधान एवं प्रसार केन्द्र, अवासीय भवनए किसान भवन आदि है।
उन्होंने बागवानी मंत्री को अवगत करवाया कि कृषि विभाग कि हजारो बीघा उपजाऊ भूमि पहले ही आई आई एम सिरमौर व पुलिस बटालियन को स्थान्तरित कर दी गयी है। ऐसे में सरकार  से मांग की है कि सिरमौर सोलन, शिमला एवं किन्नौर के क्षेत्रों के होनहार विद्यार्थियों की जरूरत व छात्रों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए कृषि महाविद्यालय को धौलाकुआं में खोला जा चाहिए। जिससे क्षेत्र के गरीब व किसान परिवार के छात्रों को सरकार द्वरा दी जा रही स्कॉलरशिप व आरक्षण जैसी सुविधायें भी मिल सकेंगी। महाविद्यालय खुलने से इस क्षेत्र के छात्र भी कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए हिमाचल एवं देश के किसानों की सेवा में अपना योगदान दे सकें । इस अवसर पर किरनेश जंग चौधरी, समाजसेवी शमशेर सिंह सैनी, बलजीत सिंह नागरा, गुरविंदर सिंह, किसान सभा, शिवानी चौधरी, प्रधान धौलाकुआं, संजय कुमार, रमणीक ठाकुर, सतीश कुमार, रामेश्वर सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे ।

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